ज़ुल्म मज़लूमों पे ढाना छोड़ दो हक़ यतीमों का दबाना छोड़ दो ये नहीं कर सकते तो बेहतर है ये सर को सज्दे में झुकाना छोड़ दो
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भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है
Tehzeeb Hafi
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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गया हूँ मगर याद करता रहता हूँ किताब छोड़ चुका हूँ पढ़ाई जारी है
Ali Zaryoun
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न सहम कर न डर के छोड़ता है हंस तालाब मर के छोड़ता है वक़्त बर्बाद करने वालों को वक़्त, बर्बाद कर के छोड़ता है
Harman Dinesh
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किसी बे-वफ़ा से बिछड़ के तू मुझे मिल गया भी तो क्या हुआ मेरे हक़ में वो भी बुरा हुआ मेरे हक़ में ये भी बुरा हुआ
Mumtaz Naseem
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ये सबब है जो तुझे याद नहीं करते हम साथ आती है तिरी याद उदासी ले कर
Shajar Abbas
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ये मुहब्बत मेरा असासा है मुझ सेे मत छीन इस असासे को
Shajar Abbas
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ज़ेहन के लब पे तिरा नाम है बस शाम-ओ-सहर नक़्श हैं चश्म पे अब तक तिरी तस्वीर के पाँव
Shajar Abbas
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ज़ीस्त जब मौत की आग़ोश में सो जाएगी हर हक़ीक़त मिरी इक वाक़िआ' हो जाएगी
Shajar Abbas
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ज़माना हो गया महताब देखे आँखों से ख़ुदा के वास्ते तस्वीर भेज दो अपनी
Shajar Abbas
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