sherKuch Alfaaz

ज़ुल्म मज़लूमों पे ढाना छोड़ दो हक़ यतीमों का दबाना छोड़ दो ये नहीं कर सकते तो बेहतर है ये सर को सज्दे में झुकाना छोड़ दो

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भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है

Tehzeeb Hafi

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मैं उस से ये तो नहीं कह रहा जुदा न करे मगर वो कर नहीं सकता तो फिर कहा न करे वो जैसे छोड़ गया था मुझे उसे भी कभी ख़ुदा करे कि कोई छोड़ दे ख़ुदा न करे

Tehzeeb Hafi

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बिछड़ गया हूँ मगर याद करता रहता हूँ किताब छोड़ चुका हूँ पढ़ाई जारी है

Ali Zaryoun

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न सहम कर न डर के छोड़ता है हंस तालाब मर के छोड़ता है वक़्त बर्बाद करने वालों को वक़्त, बर्बाद कर के छोड़ता है

Harman Dinesh

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किसी बे-वफ़ा से बिछड़ के तू मुझे मिल गया भी तो क्या हुआ मेरे हक़ में वो भी बुरा हुआ मेरे हक़ में ये भी बुरा हुआ

Mumtaz Naseem

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