उसी वक़्त अपने क़दम मोड़ लेना नदी पार से जब इशारा करूँँगा
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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अपने में'यार से नीचे तो मैं आने से रहा शे'र भूखा हूँ मगर घास तो खाने से रहा
Mehshar Afridi
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अपने सामान को बाँधे हुए इस सोच में हूँ जो कहीं के नहीं रहते वो कहाँ जाते हैं
Jawwad Sheikh
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चल गया होगा पता ये आप को बे-वफ़ा कहते हैं लड़के आप को इक ज़रा से हुस्न पर इतनी अकड़ तू समझती क्या है अपने आप को
Kushal Dauneria
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अपने चेहरे से जो ज़ाहिर है छुपाएँ कैसे तेरी मर्ज़ी के मुताबिक़ नज़र आएँ कैसे
Waseem Barelvi
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तू बुझा कर रख गया था जबसे इस दिल के चराग़ हम ने इस घर में नहीं की रौशनाई आज तक
Siddharth Saaz
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ये ग़म हम को पत्थर कर देगा इक दिन कोई आ कर हमें रुलाओ पहले तो
Siddharth Saaz
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हम लोग चूंकि दश्त के पाले हुए हैं सो ख़्वाबों में चाहे झील हों, आँखों में पेड़ हैं
Siddharth Saaz
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ये है पहली बात तुझ सेे इश्क़ है दूसरी ये बात, पहली बात सुन
Siddharth Saaz
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हर तरफ़ उग आए हैं जंगल हमारी हार के जीत का कोई भी रस्ता अब नहीं दिखता हमें
Siddharth Saaz
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