ये ग़म हम को पत्थर कर देगा इक दिन कोई आ कर हमें रुलाओ पहले तो
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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मुझ से मत पूछो के उस शख़्स में क्या अच्छा है अच्छे अच्छों से मुझे मेरा बुरा अच्छा है किस तरह मुझ से मुहब्बत में कोई जीत गया ये न कह देना के बिस्तर में बड़ा अच्छा है
Tehzeeb Hafi
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
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होंठ जो कहते है सब कुछ झूठ है आँख सच कहती है उस की बात सुन
Siddharth Saaz
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और आसान नहीं हो सकता फ़रियादों को पूरा करना एक ही आस लगा रक्खी है, ख़ुदा सभी बंदों ने तुझ सेे
Siddharth Saaz
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तू बुझा कर रख गया था जबसे इस दिल के चराग़ हम ने इस घर में नहीं की रौशनाई आज तक
Siddharth Saaz
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भले ही प्यार हो या हिज्र हो या फिर सियासत हो कुछ ऐसे दोस्त थे हर बात पर अश'आर कहते थे
Siddharth Saaz
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इन्हीं रस्तों पे हम तुझ सेे मिले थे इन्हीं रस्तों पे तुझ को खो रहे हैं
Siddharth Saaz
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