उस के बाज़ू में कितने भी लोग रहें बैठे दरख़्त छाँव में रखना वो हम को चाहता है बस
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हज़ारों साल नर्गिस अपनी बे-नूरी पे रोती है बड़ी मुश्किल से होता है चमन में दीदा-वर पैदा
Allama Iqbal
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हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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ज़ख़्म तिरे हैं जो सब पाले हुए रखे हैं मैं ने वो कुछ ख़त अब तक भी सँभाले हुए रखे हैं मैं ने
Pankaj murenvi
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यूँँ तो व्याकुल है हम से बात करने को वो लेकिन लफ़्ज़ मुहब्बत के मिलते नइँ उस को
Pankaj murenvi
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तुम भी मेरे जैसे तन्हा लगते हो तुम भी मोहब्बत में दिल से हारे हो
Pankaj murenvi
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वो तेरा देखना झुकी नज़रों से यार मुहब्बत से छीन लेगा मुझ को ही तू है मुझ सेे यार मुहब्बत से नहीं है इतना आसान जीतना फिर भी करने को मैं देखूँगा हासिल तुझ को ही तुझ सेे यार मुहब्बत से
Pankaj murenvi
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इश्क़ जरा सा ये जब से तुझ में बो रहा हूँ मैं कुछ इक दो दिन से ख़ुदको ख़ुदसे खो रहा हूँ मैं
Pankaj murenvi
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