उस के हाथ में बाक़ी क्या रह जाता है तुम ने जिस का हाथ पकड़ कर छोड़ दिया
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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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जो ख़ानदानी रईस हैं वो मिज़ाज रखते हैं नर्म अपना तुम्हारा लहजा बता रहा है, तुम्हारी दौलत नई नई है
Shabeena Adeeb
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मुझे आज़ाद कर दो एक दिन सब सच बता कर तुम्हारे और उस के दरमियाँ क्या चल रहा है
Tehzeeb Hafi
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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बाक़ी सारे काम भुलाकर इश्क़ किया सुब्ह से ले कर शाम बराबर इश्क़ किया ग़लती ये थोड़े थी इश्क़ किया हम ने ग़लती ये थी ग़ैर बिरादर इश्क़ किया
Vashu Pandey
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ब-जुज़ ख़ुदा के किसी का हम पे करम नहीं है ये कम नहीं है किसी का सजदा जबीं पे अपनी रक़म नहीं है ये कम नहीं है हमारी चुप्पी ये है ग़नीमत वगरना ये जो किया है तुम ने यक़ीन मानो हमारा माथा गरम नहीं है ये कम नहीं है
Vashu Pandey
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इश्क़ क़ैस फ़रहाद रोमियो जैसे ही कर सकते हैं हम तो ठहरे दस से छह तक ऑफ़िस जाने वाले लोग
Vashu Pandey
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आप जो ठीक समझते हैं वो करिए साहब ऐसे मौसम में मैं दफ़्तर तो नहीं आ सकता
Vashu Pandey
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इतने कहाँ नसीब कि इस सेे प्यास बुझाएँ खेल करें दरिया हम जैसों को अपने पास बिठा ले काफ़ी है
Vashu Pandey
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