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इश्क़ क़ैस फ़रहाद रोमियो जैसे ही कर सकते हैं हम तो ठहरे दस से छह तक ऑफ़िस जाने वाले लोग

Vashu Pandey31 Likes

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अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है

Abrar Kashif

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ये जो मैं होश में रहता नहीं तुम सेे मिल कर ये मिरा इश्क़ है तुम इस को नशा मत समझो

Shakeel Azmi

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ज़ेहन से यादों के लश्कर जा चुके वो मेरी महफ़िल से उठ कर जा चुके मेरा दिल भी जैसे पाकिस्तान है सब हुकूमत कर के बाहर जा चुके

Tehzeeb Hafi

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इश्क़ में ये दावा तो नईं है मैं ही अव्वल आऊँगा लेकिन इतना कह सकता हूँ अच्छे नंबर लाऊँगा

Zubair Ali Tabish

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लड़ सको दुनिया से जज़्बों में वो शिद्दत चाहिए इश्क़ करने के लिए इतनी तो हिम्मत चाहिए कम से कम मैं ने छुपा ली देख कर सिगरेट तुम्हें और इस लड़के से तुम को कितनी इज़्ज़त चाहिए

Nadeem Shaad

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बाक़ी सारे काम भुलाकर इश्क़ किया सुब्ह से ले कर शाम बराबर इश्क़ किया ग़लती ये थोड़े थी इश्क़ किया हम ने ग़लती ये थी ग़ैर बिरादर इश्क़ किया

Vashu Pandey

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इतने कहाँ नसीब कि इस सेे प्यास बुझाएँ खेल करें दरिया हम जैसों को अपने पास बिठा ले काफ़ी है

Vashu Pandey

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ब-जुज़ ख़ुदा के किसी का हम पे करम नहीं है ये कम नहीं है किसी का सजदा जबीं पे अपनी रक़म नहीं है ये कम नहीं है हमारी चुप्पी ये है ग़नीमत वगरना ये जो किया है तुम ने यक़ीन मानो हमारा माथा गरम नहीं है ये कम नहीं है

Vashu Pandey

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तुम्हें कैसा लगेगा गर किसी पिंजरे में रख कर के कोई तुम सेे कहे तेरी हिफ़ाज़त कर रहे हैं हम

Vashu Pandey

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आप जो ठीक समझते हैं वो करिए साहब ऐसे मौसम में मैं दफ़्तर तो नहीं आ सकता

Vashu Pandey

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