तुम्हें कैसा लगेगा गर किसी पिंजरे में रख कर के कोई तुम सेे कहे तेरी हिफ़ाज़त कर रहे हैं हम
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
1279 likes
More from Vashu Pandey
बाक़ी सारे काम भुलाकर इश्क़ किया सुब्ह से ले कर शाम बराबर इश्क़ किया ग़लती ये थोड़े थी इश्क़ किया हम ने ग़लती ये थी ग़ैर बिरादर इश्क़ किया
Vashu Pandey
29 likes
आप जो ठीक समझते हैं वो करिए साहब ऐसे मौसम में मैं दफ़्तर तो नहीं आ सकता
Vashu Pandey
30 likes
इश्क़ क़ैस फ़रहाद रोमियो जैसे ही कर सकते हैं हम तो ठहरे दस से छह तक ऑफ़िस जाने वाले लोग
Vashu Pandey
31 likes
ब-जुज़ ख़ुदा के किसी का हम पे करम नहीं है ये कम नहीं है किसी का सजदा जबीं पे अपनी रक़म नहीं है ये कम नहीं है हमारी चुप्पी ये है ग़नीमत वगरना ये जो किया है तुम ने यक़ीन मानो हमारा माथा गरम नहीं है ये कम नहीं है
Vashu Pandey
30 likes
इतने गहरे उतर गया हूँ दरिया-ए-दर्द-ए-दिल में हाथ पकड़ कर खींच ले वरना डूब के भी मर सकता हूँ कट्टे ख़ंजर रस्सी माचिस कुछ दिन मुझ सेे दूर रखो कुछ करने से चूक गया हूँ मैं कुछ भी कर सकता हूँ
Vashu Pandey
36 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Vashu Pandey.
Similar Moods
More moods that pair well with Vashu Pandey's sher.







