उस के हाथों में बस हम ही जँचते थे दावा सोने का कंगन भी करता था
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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दुआए माँगते हैं इसीलिए अपने उजड़ने की हमें तो यार तेरे हाथ से तामीर होना हैं
Vishal Bagh
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तुम कली पर निखार आने दो देखना डाल ख़ुद झटक देगी
Vishal Bagh
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तुम जो कहते थे ना इक दिन छू लोगे छू लेते ना मेरा मन भी करता था
Vishal Bagh
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उम्र ये मेरी सिर्फ़ लबादा मेरे ख़द ओ ख़ाल का है मेरा दिल तो मुश्किल से कुछ सोलह सत्रह साल का है!
Vishal Bagh
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जब तलक अनजान थे महफ़ूज़ थे जान लेना जानलेवा हो गया
Vishal Bagh
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