sherKuch Alfaaz

उस की याद हम को और भी सताने वाली है जून का महीना है वसंत आने वाली है

Related Sher

उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी

Ali Zaryoun

361 likes

रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है

Tehzeeb Hafi

307 likes

तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा

Santosh S Singh

339 likes

वो कोई दोस्त था अच्छे दिनों का जो पिछली रात से याद आ रहा है

Nasir Kazmi

70 likes

चुपके चुपके रात दिन आँसू बहाना याद है हम को अब तक आशिक़ी का वो ज़माना याद है

Hasrat Mohani

69 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Naresh sogarwal 'premi'.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Naresh sogarwal 'premi''s sher.