उस को डर है कि तकब्बुर न कहीं आ जाए आँख रखता है झुका कर के वो ख़ैरात के बा'द
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कभी तो चौंक के देखे कोई हमारी तरफ़ किसी की आँख में हम को भी इंतिज़ार दिखे
Gulzar
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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उस की जुल्फ़ें उदास हो जाए इस-क़दर रौशनी भी ठीक नहीं तुम ने नाराज़ होना छोड़ दिया इतनी नाराज़गी भी ठीक नहीं
Fahmi Badayuni
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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कहाँ हो राम आ कर देख तो लो तुम्हारे नाम पर क्या हो रहा है
Shakir Dehlvi
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मैं उन की क्या से क्यूँँ से लड़ रहा हूँ वो मेरी हाॅं से हूँ से लड़ रहे हैं
Shakir Dehlvi
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इक अधूरा ख़्वाब जो अक्सर डराता था मुझे तेरा जाना उस अधूरे ख़्वाब की ता'बीर है
Shakir Dehlvi
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सब के अंदर है इक अधूरापन सब के हिस्से में सब नहीं आता
Shakir Dehlvi
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आप को हासिल है साहब आप समझेंगे नहीं ज़िंदगी कैसे गुज़रती है मोहब्बत के बग़ैर
Shakir Dehlvi
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