उस ने जब से हम दोनों को जुदा किया है फिर कब मैं ने उस पत्थर को ख़ुदा किया है उस को नावों की सवारी अच्छी लगती थी बस उस के ख़ातिर ख़ुद को नाख़ुदा किया है
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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वो लड़ कर भी सो जाए तो उस का माथा चूमूँ मैं उस से मोहब्बत एक तरफ़ है उस से झगड़ा एक तरफ़
Varun Anand
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गुलाब ख़्वाब दवा ज़हर जाम क्या क्या है मैं आ गया हूँ बता इंतिज़ाम क्या क्या है
Rahat Indori
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हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
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ज़ौक़-ए-मोहब्बत चख लिया हम ने और जानने को कुछ नहीं है अब
Manoj Devdutt
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ज़मीं से जब जुदा तू हो नहीं सकता यहाँ पर फिर ख़ुदा तू हो नहीं सकता
Manoj Devdutt
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किसी को भी कभी भी ग़म नहीं देंगे हमें मिलता रहा पर हम नहीं देंगे
Manoj Devdutt
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ये हाथ उस के हाथ में होते हम कब धुएँ के साथ में होते
Manoj Devdutt
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स्वाभिमानी को यहाँ कीमत चुकानी पड़ रही है फिर कई रातें बिना खाए बितानी पड़ रही है
Manoj Devdutt
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