उस की बेचैनी बढ़ाना चाहती हूँ सुनिए कह कर चुप लगाना चाहती हूँ
Related Sher
ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
394 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
296 likes
मर चुका है दिल मगर ज़िंदा हूँ मैं ज़हर जैसी कुछ दवाएँ चाहिए पूछते हैं आप आप अच्छे तो हैं जी मैं अच्छा हूँ दुआएँ चाहिए
Jaun Elia
302 likes
रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
307 likes
More from Pooja Bhatia
वो किस का है इस से क्या लेना देना बाज़ दफ़ा काफ़ी है उस का होना भी
Pooja Bhatia
38 likes
वो जो पहला था अपना इश्क़ वही आख़िरी वारदात थी दिल की
Pooja Bhatia
45 likes
ग़ुस्से में भींच लेता है बाँहों में अपनी वो क्या सोचना है फिर उसे ग़ुस्सा दिलाइए
Pooja Bhatia
62 likes
गले सब मिल रहे हैं उस सेे हँसकर हमारा हक़ तो मारा जा रहा है
Pooja Bhatia
52 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Pooja Bhatia.
Similar Moods
More moods that pair well with Pooja Bhatia's sher.







