ग़ुस्से में भींच लेता है बाँहों में अपनी वो क्या सोचना है फिर उसे ग़ुस्सा दिलाइए
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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उस की बेचैनी बढ़ाना चाहती हूँ सुनिए कह कर चुप लगाना चाहती हूँ
Pooja Bhatia
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वो जो पहला था अपना इश्क़ वही आख़िरी वारदात थी दिल की
Pooja Bhatia
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वो किस का है इस से क्या लेना देना बाज़ दफ़ा काफ़ी है उस का होना भी
Pooja Bhatia
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गले सब मिल रहे हैं उस सेे हँसकर हमारा हक़ तो मारा जा रहा है
Pooja Bhatia
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