wae aashiq-e-nadan kaenat ye teri ek shikasta shishe ko dil banae baitha hai
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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चाँदी सोना एक तरफ़ तेरा होना एक तरफ़ एक तरफ़ तेरी आँखें जादू टोना एक तरफ़
Gyan Prakash Akul
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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नींद उस की है दिमाग़ उस का है रातें उस की हैं तेरी ज़ुल्फ़ें जिस के बाज़ू पर परेशाँ हो गईं
Mirza Ghalib
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जो तेरी बाँहों में हँसती रही है खेली है वो लड़की राज़ नहीं है कोई पहेली है हाँ मेरा हाथ पकड़ कर झटक दिया उस ने सहारा दे के बताया कि तू अकेली है
Tajdeed Qaiser
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ये दाढ़ियाँ ये तिलकधारियाँ नहीं चलतीं हमारे अहद में मक्कारियाँ नहीं चलतीं क़बीले वालों के दिल जोड़िए मेरे सरदार सरों को काट के सरदारियाँ नहीं चलतीं
Kaif Bhopali
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माँ की आग़ोश में कल मौत की आग़ोश में आज हम को दुनिया में ये दो वक़्त सुहाने से मिले
Kaif Bhopali
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थोड़ा सा अक्स चाँद के पैकर में डाल दे तू आ के जान रात के मंज़र में डाल दे
Kaif Bhopali
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एक कमी थी ताज-महल में मैं ने तिरी तस्वीर लगा दी
Kaif Bhopali
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जिस दिन मिरी जबीं किसी दहलीज़ पर झुके उस दिन ख़ुदा शिगाफ़ मिरे सर में डाल दे
Kaif Bhopali
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