वक़्त का राह से बस यही अहद था ये कि हम को गुज़र के गुज़रना पड़ा
Related Sher
काश वो रास्ते में मिल जाए मुझ को मुँह फेर कर गुज़रना है
Fahmi Badayuni
111 likes
और भी दुख हैं ज़माने में मोहब्बत के सिवा राहतें और भी हैं वस्ल की राहत के सिवा
Faiz Ahmad Faiz
106 likes
आज देखा है तुझ को देर के बा'द आज का दिन गुज़र न जाए कहीं
Nasir Kazmi
102 likes
वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर आदत इस की भी आदमी सी है
Gulzar
113 likes
ये ज़ुल्फ़ अगर खुल के बिखर जाए तो अच्छा इस रात की तक़दीर सँवर जाए तो अच्छा जिस तरह से थोड़ी सी तेरे साथ कटी है बाक़ी भी उसी तरह गुज़र जाए तो अच्छा
Sahir Ludhianvi
84 likes
More from Sanjay Bhat
किस तरह पूछूँ वो कहाँ है कैसा है अब माँ की बातें शोर लगती हैं उसे
Sanjay Bhat
0 likes
ये रंगीन आँचल ये पुर नूर चेहरा खनक पायलों की ये चूड़ी का घेरा जहाँ तक भी देखो है ख़ुशबू तुम्हारी तुम्हारी चमक से है दिल में सवेरा
Sanjay Bhat
1 likes
सुकूँ की देखनी हो शक्ल जो तुम को तो देखो तिफ़्ल को किस शक्ल सोता है
Sanjay Bhat
1 likes
तन्हाई में यूँँ तन्हा मैं नज़र आया हूँ मैं जैसे मैं नहीं उजड़ा कोई साया हूँ
Sanjay Bhat
1 likes
मंज़िलें और भी हैं इक यही दर नहीं ठान लो दिल में तो दूर अंबर नहीं
Sanjay Bhat
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Sanjay Bhat.
Similar Moods
More moods that pair well with Sanjay Bhat's sher.







