वक़्त रफ़्तार से बदलता है पर कोई साथ साथ चलता है हाँ ये गुलज़ार ख़्वाब था जिस में अब तसव्वुर है तू सो खलता है
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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अगर है इश्क़ सच्चा तो निगाहों से बयाँ होगा ज़बाँ से बोलना भी क्या कोई इज़हार होता है
Bhaskar Shukla
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अब दोस्त कोई लाओ मुक़ाबिल में हमारे दुश्मन तो कोई क़द के बराबर नहीं निकला
Munawwar Rana
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भीगीं पलकें देख कर तू क्यूँँ रुका है ख़ुश हूँ मैं वो तो मेरी आँख में कुछ आ गया है ख़ुश हूँ मैं वो किसी के साथ ख़ुश था कितने दुख की बात थी अब मेरे पहलू में आ कर रो रहा है ख़ुश हूँ मैं
Zubair Ali Tabish
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ज़िंदगी धूप में गुज़ारेंगे देख साए का क्या से क्या होगा
Chetan
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ये मुआ'फ़ी ये शुक्रिया कहना जानता हूँ है अलविदा कहना गर बिछड़ कर कहोगे अच्छा मुझे साथ रहना भला बुरा कहना
Chetan
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याद आए तो भूल जाना तुम दूर कितने हैं दरमियाँ क्या है
Chetan
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यूँँ चमकता हूँ मैं खंडर तुझ सेे तू मुझे मेरा चाँद लगता है
Chetan
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तुम्हारे बिन करेंगे क्या जो कहते थे हमें छोड़ा तो अब क्या क्या नहीं करते
Chetan
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