wasl ho ya firaq ho 'akbar' jagna raat bhar musibat hai whether in blissful union or in separation staying up all night, is a botheration
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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रातें किसी याद में कटती हैं और दिन दफ़्तर खा जाता है दिल जीने पर माएल होता है तो मौत का डर खा जाता है सच पूछो तो 'तहज़ीब हाफ़ी' मैं ऐसे दोस्त से आज़िज़ हूँ मिलता है तो बात नहीं करता और फोन पे सर खा जाता है
Tehzeeb Hafi
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हम हैं ना! ये जो मुझ सेे कहते हैं ख़ुद किसी और के भरोसे हैं ज़िंदगी के लिए बताओ कुछ ख़ुद-कुशी के तो सौ तरीक़े हैं
Vikram Gaur Vairagi
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तुम्हारे बिन गुज़ारी रात के बस दो ही क़िस्से हैं कभी हिचकी नहीं रुकती कभी सिसकी नहीं रुकती
Ankita Singh
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दिल वो है कि फ़रियाद से लबरेज़ है हर वक़्त हम वो हैं कि कुछ मुँह से निकलने नहीं देते
Akbar Allahabadi
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हक़ीक़ी और मजाज़ी शा'इरी में फ़र्क़ ये पाया कि वो जा में से बाहर है ये पाजा में से बाहर है
Akbar Allahabadi
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जो है ज़बाँ पे दिल को नहीं उस सेे फ़ाएदा जो दिल में है वो ला नहीं सकते ज़बान पर
Akbar Allahabadi
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लिपट भी जा न रुक 'अकबर' ग़ज़ब की ब्यूटी है नहीं नहीं पे न जा ये हया की ड्यूटी है
Akbar Allahabadi
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जो वक़्त-ए-ख़त्ना मैं चीख़ा तो नाई ने कहा हँस कर मुसलमानी में ताक़त ख़ून ही बहने से आती है
Akbar Allahabadi
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