वो अलग किरदार में दिखता है अब आदमी क्यूँ हार में दिखता है अब देख कर दुख होता है दिल को मेरे झूठ जब अख़बार में दिखता है अब
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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धूप में निकलो घटाओं में नहा कर देखो ज़िंदगी क्या है किताबों को हटा कर देखो
Nida Fazli
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ज़िन्दगी को यूँँ फिर आज़माने के बा'द कुछ भी तो अब नहीं है ज़माने के बा'द कैसे ख़ुद को भी दे अब तसल्ली यहाँ पे कैसे ग़म में है वो गुनगुनाने के बा'द
Naviii dar b dar
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ये फूलों की ख़ुशबू चुरा कर तो देखो इशारों में बातें बता कर तो देखो यूँँ आएँगे वो भी सुकूँ दिल को देने उन्हें ख़्वाब में तुम बुला कर तो देखो
Naviii dar b dar
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ये ख़्वाबों की दुनिया बसाए हैं हम भी मुहब्बत ज़रा आज़माए हैं हम भी सजाए तो कैसे सजाए कोई ख़्वाब यहाँ मुफ़लिसी के सताए हैं हम भी
Naviii dar b dar
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रिश्ते में बस्तगी लिख रहा हूँ फिर वही ज़िन्दगी लिख रहा हूँ उन हसीं रातों को दफ़्न कर के अब कहाँ दिल-लगी लिख रहा हूँ
Naviii dar b dar
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मुझ को मौत भी आए तो कुछ इस तरह आए मेरी साँस ठहरी हो और ज़माना हो ग़म में
Naviii dar b dar
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