वो गलियाँ वीरान पड़ी हैं जिन में मेरी जाँ रहती थी
Related Sher
अगर तुम हो तो घबराने की कोई बात थोड़ी है ज़रा सी बूँदा-बाँदी है बहुत बरसात थोड़ी है ये राह-ए-इश्क़ है इस में क़दम ऐसे ही उठते हैं मोहब्बत सोचने वालों के बस की बात थोड़ी है
Abrar Kashif
221 likes
पूछते हैं वो कि ग़ालिब कौन है कोई बतलाओ कि हम बतलाएँ क्या
Mirza Ghalib
208 likes
हम अपनी जान के दुश्मन को अपनी जान कहते हैं मोहब्बत की इसी मिट्टी को हिंदुस्तान कहते हैं
Rahat Indori
212 likes
आईने आँख में चुभते थे बिस्तर से बदन कतराता था एक याद बसर करती थी मुझे मैं साँस नहीं ले पाता था
Tehzeeb Hafi
223 likes
इसीलिए तो सब सेे ज़्यादा भाती हो कितने सच्चे दिल से झूठी क़स में खाती हो
Tehzeeb Hafi
238 likes
More from Pawan
ये महफ़िल कब बिखरेगी बतलाओ तो हम को उस के कूचे में भी जाना है
Pawan
0 likes
ये महफ़िल है दिल की महफ़िल आँखों से बातें होती है
Pawan
0 likes
तू भी ख़ुश है मैं भी ख़ुश हूँ ये कैसा हिज्र हुआ जानाँ
Pawan
0 likes
कहता है ख़त लाना भूल गया क़ासिद भी तेरा झूठा निकला
Pawan
0 likes
यूँँ कब तक साथ निभाओगी अब तो धोखा दे दो मुझ को
Pawan
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Pawan.
Similar Moods
More moods that pair well with Pawan's sher.







