वो गिरे यूँँ नज़र से मिरी फिर कभी भी उठे ही नहीं लोग थे कुछ बड़े वो ज़रा हम कभी भी झुके ही नहीं
Related Sher
हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता
Mirza Ghalib
149 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
339 likes
ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
174 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
More from Vinod Ganeshpure
ज़िंदगी तू एक जन्नत आज होती मैं तिरा जो इश्क़ होता काश पहला
Vinod Ganeshpure
1 likes
ज़िंदगी में बस तरक़्क़ी है ज़रूरी लोग वरना भाव देते ही नहीं हैं
Vinod Ganeshpure
1 likes
ज़िंदगी है बना बना घर भी ज़िंदगी है घना घना घर भी
Vinod Ganeshpure
1 likes
ज़िंदगी चल तो रही सब की हवा से दर्द मिटता है किसी का अब दवा से
Vinod Ganeshpure
1 likes
ज़िंदगी का अब नशा है इक ही तो लिख रहे हम इक कहानी ख़ास है
Vinod Ganeshpure
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Vinod Ganeshpure.
Similar Moods
More moods that pair well with Vinod Ganeshpure's sher.







