ज़िंदगी का अब नशा है इक ही तो लिख रहे हम इक कहानी ख़ास है
Related Sher
शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
435 likes
ये मत भूलो कि ये लम्हात हम को बिछड़ने के लिए मिलवा रहे हैं
Jaun Elia
143 likes
हज़ार इश्क़ करो लेकिन इतना ध्यान रहे कि तुम को पहली मोहब्बत की बद-दुआ न लगे
Abbas Tabish
179 likes
उस के होंटों पे रख के होंट अपने बात ही हम तमाम कर रहे हैं
Jaun Elia
128 likes
साल के तीन सौ पैंसठ दिन में एक भी रात नहीं है उस की वो मुझे छोड़ दे और ख़ुश भी रहे इतनी औक़ात नहीं है उस की
Muzdum Khan
69 likes
More from Vinod Ganeshpure
ज़िंदगी की तलाश करता हूँ रोज़ हो कर हताश मरता हूँ
Vinod Ganeshpure
0 likes
वहशतों में जी नहीं सकते कभी भी ज़िंदगी तो मुश्किलों का ही सफ़र है
Vinod Ganeshpure
1 likes
वक़्त ने हम पे लगाए जाल कितने जेब में कौड़ी नहीं थी साल कितने
Vinod Ganeshpure
1 likes
वो नहीं आज तो पास यूँँ कल रहे मैं रहूँ वो रहे साथ हर पल रहे
Vinod Ganeshpure
1 likes
उम्मीद है अब भी बहुत हम फिर मिले इस ज़िंदगी में सिर्फ़ तुम हो चाह बस
Vinod Ganeshpure
1 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Vinod Ganeshpure.
Similar Moods
More moods that pair well with Vinod Ganeshpure's sher.







