ये मत भूलो कि ये लम्हात हम को बिछड़ने के लिए मिलवा रहे हैं
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
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तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा
Santosh S Singh
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रह-गुज़र-ए-ख़याल में दोश-ब-दोश थे जो लोग वक़्त की गर्द-बाद में जाने कहाँ बिखर गए
Jaun Elia
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ख़ूब है इश्क़ का ये पहलू भी मैं भी बर्बाद हो गया तू भी
Jaun Elia
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अहद-ए-रफ़ाक़त ठीक है लेकिन मुझ को ऐसा लगता है तुम तो मेरे साथ रहोगी मैं तन्हा रह जाऊँगा
Jaun Elia
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मुस्कुराए हम उस से मिलते वक़्त रो न पड़ते अगर ख़ुशी होती
Jaun Elia
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कौन सूद-ओ-ज़ियाँ की दुनिया में दर्द ग़ुर्बत का साथ देता है जब मुक़ाबिल हों इश्क़ और दौलत हुस्न दौलत का साथ देता है
Jaun Elia
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