sherKuch Alfaaz

ये मत भूलो कि ये लम्हात हम को बिछड़ने के लिए मिलवा रहे हैं

Jaun Elia143 Likes

Related Sher

हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं

Azhar Iqbal

298 likes

मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया

Tehzeeb Hafi

388 likes

मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए

Jaun Elia

314 likes

हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से

Zia Mazkoor

224 likes

तुम्हें हम भी सताने पर उतर आएँ तो क्या होगा तुम्हारा दिल दुखाने पर उतर आएँ तो क्या होगा हमें बदनाम करते फिर रहे हो अपनी महफ़िल में अगर हम सच बताने पर उतर आएँ तो क्या होगा

Santosh S Singh

339 likes

Similar Writers

View All ›

Our suggestions based on Jaun Elia.

Similar Moods

View All ›

More moods that pair well with Jaun Elia's sher.