वो ही मुझ को गिराने वाला है जिस को गिरते हुए सँभाला है दिल को पत्थर बनाया था मैं ने उस ने पत्थर भी तोड़ डाला है
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उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
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ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
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हम भी दरिया हैं हमें अपना हुनर मालूम है जिस तरफ़ भी चल पड़ेंगे रास्ता हो जाएगा
Bashir Badr
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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तुझ सेे बिछडूँगा तो पागल नहीं होने वाला हाँ मगर सच है मुकम्मल नहीं होने वाला कोई नुक़सान नहीं होगा उसे पाने में वो खरा सोना है पीतल नहीं होने वाला
Zeeshan kaavish
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वो मुहब्बत का तलबगार नहीं हो सकता जो सितमगर है उसे प्यार नहीं हो सकता तेरे होते हुए जो चाँद का दीदार करे कुछ भी होगा वो समझदार नहीं हो सकता
Zeeshan kaavish
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उन की आँखों से जब से पी यारो छोड़ दी तब से मय-कशी यारो रात को छत से चाँद जब देखा याद उन की फिर आ गई यारो
Zeeshan kaavish
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तेरे जुमले तेरे क़िस्से भुला के आज आए हैं तेरी यादों के सारे ख़त जला के आज आए हैं
Zeeshan kaavish
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ख़ुशी भी रखते हैं और ग़म भी साथ रखते हैं हम अपने ज़ख़्म का मरहम भी साथ रखते हैं
Zeeshan kaavish
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