वो तो काँधे पर सिर रख कर लौट गई पर गेसू अब भी मफ़लर से लिपटे हैं
Related Sher
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
लौट कर नहीं आता कब्र से कोई लेकिन प्यार करने वालों को इंतिज़ार रहता है
Shabeena Adeeb
85 likes
ये कब कहती हूँ तुम मेरे गले का हार हो जाओ वहीं से लौट जाना तुम जहाँ बेज़ार हो जाओ
Parveen Shakir
47 likes
दोस्ती लफ़्ज़ ही में दो है दो सिर्फ़ तेरी नहीं चलेगी दोस्त
Zubair Ali Tabish
83 likes
तो क्या उस को मैं होंठों से बजाऊँ तिरे दर पे जो घंटी लग गई है चराग़ उस ने मिरे लौटा दिए हैं अब उस के घर में बिजली लग गई है
Fahmi Badayuni
45 likes
More from Shiva awasthi
ये किस का अक्स है हर सू समाया छुपा है कौन मेरी पुतलियों में
Shiva awasthi
0 likes
रोती हूँ तो साथ साथ में बजते हैं वो पायल में ऐसे घुॅंघरू बाॅंध गया
Shiva awasthi
0 likes
यही तो उम्र है नादानियों की, करने दें कहो माँओं से कि बच्चे को रुलाया न करें
Shiva awasthi
2 likes
ज़िंदगी इल्म का पन्ना नहीं है ज़िंदगी बस सुकूँ का मसअला है
Shiva awasthi
2 likes
मैं ख़ुद पर भी हँस लेती हूँ देख चुकी हूँ इतना रो कर
Shiva awasthi
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shiva awasthi.
Similar Moods
More moods that pair well with Shiva awasthi's sher.







