वा'दा है राहतों का मगर मुश्किलों के बा'द मुश्किल बिना कसी को भी राहत नहीं मिली
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तेरे सिवा भी कई रंग ख़ुश नज़र थे मगर जो तुझ को देख चुका हो वो और क्या देखे
Parveen Shakir
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तू मिला ही नहीं मगर फिर भी है बिछड़ने का मुझ को डर फिर भी जानता हूँ तू आ नहीं सकता पर सजाया है मैं ने घर फिर भी
Sandeep Thakur
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मैं तेरे बा'द कोई तेरे जैसा ढूँढ़ता हूँ जो बे-वफ़ाई करे और बे-वफ़ा न लगे
Abbas Tabish
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मोहब्बत अपनी क़िस्मत में नहीं है इबादत से गुज़ारा कर रहे है
Fahmi Badayuni
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तुम मोहब्बत को खेल कहते हो हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली
Bashir Badr
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ज़रा सी रौशनी के वास्ते मुझ ऐसों को ख़ुद अपनी ज़ात ही में पहले जलना पड़ता है
Irshad 'Arsh'
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विरासत बाँट ली जाए मोहब्बत से तो अच्छा है ये वर्ना ऐसी दीमक है जो रिश्ते चाट जाती है
Irshad 'Arsh'
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किसी का आइना हो कर के देखो मियाँ सच बोलना आसाँ नहीं है
Irshad 'Arsh'
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किसी से जब हमें शिकवा नहीं तो किसी की फिर शिकायत क्यूँ करें हम
Irshad 'Arsh'
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हमें गुलशन से गुल की आरज़ू थी मुसलसल खार मिलते जा रहे हैं
Irshad 'Arsh'
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