वफ़ा नज़र नहीं आती कहीं ज़माने में वफ़ा का ज़िक्र किताबों में देख लेते हैं
Related Sher
बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
1244 likes
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
More from Hafeez Banarasi
उस से बढ़ कर किया मिलेगा और इनआम-ए-जुनूँ अब तो वो भी कह रहे हैं अपना दीवाना मुझे
Hafeez Banarasi
18 likes
कुछ इस के सँवर जाने की तदबीर नहीं है दुनिया है तिरी ज़ुल्फ़-ए-गिरह-गीर नहीं है
Hafeez Banarasi
10 likes
हर हक़ीक़त है एक हुस्न 'हफ़ीज़' और हर हुस्न इक हक़ीक़त है
Hafeez Banarasi
18 likes
आसान नहीं मरहला-ए-तर्क-ए-वफ़ा भी मुद्दत हुई हम इस को भुलाने में लगे हैं
Hafeez Banarasi
22 likes
ये किस मक़ाम पे लाई है ज़िंदगी हम को हँसी लबों पे है सीने में ग़म का दफ़्तर है
Hafeez Banarasi
28 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Hafeez Banarasi.
Similar Moods
More moods that pair well with Hafeez Banarasi's sher.







