ये किस मक़ाम पे लाई है ज़िंदगी हम को हँसी लबों पे है सीने में ग़म का दफ़्तर है
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मुद्दतें गुज़र गई 'हिसाब' नहीं किया न जाने अब किस के कितने रह गए हम
Kumar Vishwas
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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सभी का ख़ून है शामिल यहाँ की मिट्टी में किसी के बाप का हिन्दुस्तान थोड़ी है
Rahat Indori
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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उस से बढ़ कर किया मिलेगा और इनआम-ए-जुनूँ अब तो वो भी कह रहे हैं अपना दीवाना मुझे
Hafeez Banarasi
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कुछ इस के सँवर जाने की तदबीर नहीं है दुनिया है तिरी ज़ुल्फ़-ए-गिरह-गीर नहीं है
Hafeez Banarasi
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हर हक़ीक़त है एक हुस्न 'हफ़ीज़' और हर हुस्न इक हक़ीक़त है
Hafeez Banarasi
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चले चलिए कि चलना ही दलील-ए-कामरानी है जो थक कर बैठ जाते हैं वो मंज़िल पा नहीं सकते
Hafeez Banarasi
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चले चलिए कि चलना ही दलील-ए-कामरानी है जो थक कर बैठ जाते हैं वो मंज़िल पा नहीं सकते
Hafeez Banarasi
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