वक़्त अच्छा भी आएगा 'नासिर' ग़म न कर ज़िंदगी पड़ी है अभी
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तुम मोहब्बत को खेल कहते हो हम ने बर्बाद ज़िंदगी कर ली
Bashir Badr
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उजाले अपनी यादों के हमारे साथ रहने दो न जाने किस गली में ज़िंदगी की शाम हो जाए
Bashir Badr
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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सफ़र में आख़िरी पत्थर के बा'द आएगा मज़ा तो यार दिसंबर के बा'द आएगा
Rahat Indori
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वक़्त रहता नहीं कहीं टिक कर आदत इस की भी आदमी सी है
Gulzar
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दिन भर तो मैं दुनिया के धंदों में खोया रहा जब दीवारों से धूप ढली तुम याद आए
Nasir Kazmi
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बस यूँँ ही दिल को तवक़्क़ो' सी है तुझ से वर्ना जानता हूँ कि मुक़द्दर है मेरा तन्हाई
Nasir Kazmi
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वो दिल-नवाज़ है लेकिन नज़र-शनास नहीं मिरा इलाज मिरे चारा-गर के पास नहीं
Nasir Kazmi
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मुझे ये डर है तेरी आरज़ू न मिट जाए बहुत दिनों से तबीअत मिरी उदास नहीं
Nasir Kazmi
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कौन अच्छा है इस ज़माने में क्यूँँ किसी को बुरा कहे कोई
Nasir Kazmi
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