वक़्त के साथ हुए साथ जो दिन रहने के फिर किसी साल महीने में नहीं आएँगे
Related Sher
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
162 likes
होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
145 likes
हम को दिल से भी निकाला गया फिर शहर से भी हम को पत्थर से भी मारा गया फिर ज़हरस भी
Azm Shakri
157 likes
More from pankaj pundir
यार कोई तो उस को समझाओ प्यार की नाव पर अना का बोझ
pankaj pundir
0 likes
तुम पे लाज़िम था सफ़र आसान करना इश्क़ का बा'द लुटने के लुटेरा तो नहीं बन जाना था
pankaj pundir
0 likes
तुम को सब अपने प्रेम करते हैं कैसे समझोगे तुम शिवा का दर्द
pankaj pundir
0 likes
शह्र-ए-दिल के सर्द मौसम और सादा-रूह हम सारी माचिस फूँक बैठे इक ज़रा सी आग को
pankaj pundir
0 likes
चर्ख़ मेरी प्यास से वाक़िफ़ हुआ धूप ने सहरा पे दरिया लिख दिया
pankaj pundir
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on pankaj pundir.
Similar Moods
More moods that pair well with pankaj pundir's sher.







