वो एक रिश्ता जिया मैं जिस को वो एक रिश्ता गुज़र गया है वो एक रिश्ता यक़ीं था जिस पे वो एक रिश्ता मुकर गया है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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क्या ख़बर कौन था वो, और मेरा क्या लगता था जिस सेे मिल कर मुझे, हर शख़्स बुरा लगता था
Tehzeeb Hafi
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अब इन जले हुए जिस्मों पे ख़ुद ही साया करो तुम्हें कहा था बता कर क़रीब आया करो मैं उस के बा'द महिनों उदास रहता हूँ मज़ाक में भी मुझे हाथ मत लगाया करो
Tehzeeb Hafi
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हुई मुद्दत कि 'ग़ालिब' मर गया पर याद आता है वो हर इक बात पर कहना कि यूँँ होता तो क्या होता
Mirza Ghalib
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रस्सी डालूँ पंखे पर और मर जाऊँ कभी कभी तो ऐसी ख़्वाहिश होती है
Gopesh "Tanha"
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मौत का असली मज़ा अब आएगा मुझ में जो शाइ'र है वो रह जाएगा
Gopesh "Tanha"
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मेरे किरदार को जबरन ही यूँँ उलझा रहे हो तुम मैं ऐसा हूँ नहीं जैसा मुझे दिखला रहे हो तुम
Gopesh "Tanha"
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इस साथ हमारे की इतनी सी कहानी है मैं शान्त हूँ दरिया सा वो कोई सुनामी है
Gopesh "Tanha"
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तुम आगे बढ़ गए पर यार समझो किसी अपने को खोया है किसी ने
Gopesh "Tanha"
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