वो मेरी रूह तक क़ब्ज़ा चुकी है मैं जिस को छोड़ जाना चाहता हूँ
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
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ज़माना जल उठा मेरे उजाले से कुछ अच्छा सोच कर रौशन हुआ था मैं
Rohit tewatia 'Ishq'
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ज़माने में नहीं अब माँग इस की तभी ये इश्क़ सस्ता हो रहा है
Rohit tewatia 'Ishq'
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मेरी नज़्में मेरी ग़ज़लें ख़यालों तक में तुम ही हो तुम्हारे छोड़ने पर ही चुनी ये शा'इरी मैं ने
Rohit tewatia 'Ishq'
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क़द में बड़ा हूँ इस लिए बस छाँव सब को दी सूरज से वरना तेज़ हूँ मैं ताबदार में
Rohit tewatia 'Ishq'
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मतलब पता है आदमी को हुक्म का मगर औरत को ही गु़लाम का मतलब नहीं पता
Rohit tewatia 'Ishq'
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