क़द में बड़ा हूँ इस लिए बस छाँव सब को दी सूरज से वरना तेज़ हूँ मैं ताबदार में
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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समझ आ गया हम को इनकार के बा'द है बस दर्द काँटों में फूलों में आँसू
Rohit tewatia 'Ishq'
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वो मेरी रूह तक क़ब्ज़ा चुकी है मैं जिस को छोड़ जाना चाहता हूँ
Rohit tewatia 'Ishq'
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वो जिस की हो चुकी है मुझ से पहले मेरी रानी का वो राजा नहीं है
Rohit tewatia 'Ishq'
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तेरी ख़ुशबू के मानी ढूढ़ने को सभी फूलों में झगड़ा हो रहा है
Rohit tewatia 'Ishq'
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वो है मेआ'र इश्क़ का जानाँ लोग मरते हैं बस निभाने को
Rohit tewatia 'Ishq'
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