मेरी नज़्में मेरी ग़ज़लें ख़यालों तक में तुम ही हो तुम्हारे छोड़ने पर ही चुनी ये शा'इरी मैं ने
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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वो मेरी रूह तक क़ब्ज़ा चुकी है मैं जिस को छोड़ जाना चाहता हूँ
Rohit tewatia 'Ishq'
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वो जिस की हो चुकी है मुझ से पहले मेरी रानी का वो राजा नहीं है
Rohit tewatia 'Ishq'
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सभी के दिल की जब धड़कन हुआ था मैं खिले फूलों का जब आँगन हुआ था मैं
Rohit tewatia 'Ishq'
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है हम पर भी ग़म की सलाख़ों की नेमत जो लब पे सितम हैं ज़बानों में आँसू
Rohit tewatia 'Ishq'
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समझ आ गया हम को इनकार के बा'द है बस दर्द काँटों में फूलों में आँसू
Rohit tewatia 'Ishq'
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