वो मुझ से दूर हुआ मेरे पास आते हुए अँधेरा हो गया घर में दिया जलाते हुए
Related Sher
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
545 likes
कोई शहर था जिस की एक गली मेरी हर आहट पहचानती थी मेरे नाम का इक दरवाज़ा था इक खिड़की मुझ को जानती थी
Ali Zaryoun
321 likes
ये मुझे चैन क्यूँ नहीं पड़ता एक ही शख़्स था जहान में क्या
Jaun Elia
508 likes
More from Kamran Abbas
ज़िंदगी इस तरह गुज़री है ग़मों के दरमियाँ दर्द थे इतने कि मेरा मुस्कुराना रह गया
Kamran Abbas
0 likes
उस की हिजरत की रात देर तलक तन्हा देखा है मैं ने आधा चाँद
Kamran Abbas
0 likes
सियाह रात में माह-ए-कमाल आया है वफ़ा के नाम पर उन का ख़याल आया है
Kamran Abbas
0 likes
टूटे सपनों से मुझे रोज़ घुटन होती है साँस लेता हूँ तो सीने में चुभन होती है
Kamran Abbas
0 likes
यादों के कारवाँ में मुसलसल सफ़र किया तब जाके हम ने आज दिसंबर बसर किया
Kamran Abbas
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Kamran Abbas.
Similar Moods
More moods that pair well with Kamran Abbas's sher.







