वो शोर हो रोने का कि हो शोर हँसी का फिर शोर वो कैसा भी हो बर्दाश्त नहीं है
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नाम पे हम क़ुर्बान थे उस के लेकिन फिर ये तौर हुआ उस को देख के रुक जाना भी सब से बड़ी क़ुर्बानी थी मुझ से बिछड़ कर भी वो लड़की कितनी ख़ुश ख़ुश रहती है उस लड़की ने मुझ से बिछड़ कर मर जाने की ठानी थी
Jaun Elia
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होश वालों को ख़बर क्या बे-ख़ुदी क्या चीज़ है इश्क़ कीजे फिर समझिए ज़िंदगी क्या चीज़ है
Nida Fazli
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प्यार दो बार थोड़ी होता है हो तो फिर प्यार थोड़ी होता है यही बेहतर है तुम उसे रोको मुझ सेे इनकार थोड़ी होता है
Zubair Ali Tabish
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ख़ुद से भी मिल न सको, इतने पास मत होना इश्क़ तो करना, मगर देवदास मत होना देखना, चाहना, फिर माँगना, या खो देना ये सारे खेल हैं, इन में उदास मत होना
Kumar Vishwas
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मुरली छूटी शंख बजा रास तजा फिर युद्ध सजा क्या पीछे क्या आगे है सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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ज़रूरत क्या तिजारत-गार को ख़ुद हाथ रँगने की ठिकाने कुछ लगाना हो अगर सरकार बैठी है
Mohit Subran
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वक़्त ने छोड़ा न इक हाथ भी इन हाथों में ज़िन्दगी तुझ को गुज़ारूँ तो गुज़ारूँ कैसे
Mohit Subran
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वो हादसा जो नहीं बीता है अभी मुझ पर उसी के ख़ौफ़ से दिल मेरा ख़ौफ़ खाता है
Mohit Subran
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उबलते अश्क न रख रोक के बहा दे इन्हें कहीं ये अश्क न पलकें तिरी जला डालें
Mohit Subran
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शे'र कहना है वो फ़न जो जान-ए-मन आसाँ नहीं 'जौन' ने जब ख़ून थूका तब कहीं ग़ज़लें हुईं
Mohit Subran
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