यार वक़्त ख़ुद का लाने में वक़्त लगता है बीज को शजर बन जाने में वक़्त लगता है
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ख़ुदी को कर बुलंद इतना कि हर तक़दीर से पहले ख़ुदा बंदे से ख़ुद पूछे बता तेरी रज़ा क्या है
Allama Iqbal
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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ये धुआँ सिगरेट का बिखरी किताबें बंद पर्दे दिख रहा है जैसा मेरा कमरा तो ऐसा नहीं था
Abhay Aadiv
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ज़िम्मेदारी जीने ही देती नहीं है ज़िंदगी भर जीनी पड़ती हैं बहुत सी ज़िंदगी इक ज़िंदगी में
Abhay Aadiv
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टूट कर बिखरने नईं दिया उस ने मुझे जोड़कर कुछ ऐसे ही रखा उस ने मुझे
Abhay Aadiv
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होता है दिल उदास तो करें क्या वो न हो आस पास तो करें क्या
Abhay Aadiv
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नज़ारे खो गए थे बाक़ी सब जब तुम मिले मुझ को सितारे, चाँद, जुगनू, शाम तुझ में गुम मिले मुझ को
Abhay Aadiv
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