यही ज़िन्दगी मुसीबत यही ज़िन्दगी मसर्रत यही ज़िन्दगी हक़ीक़त यही ज़िन्दगी फ़साना कभी मैं हूँ तुझ सेे नालाँ कभी मुझ सेे तू परेशाँ कभी मैं तिरा हदफ़ हूँ कभी तू मिरा निशाना
sherKuch Alfaaz
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भरम रखा है तेरे हिज्र का वरना क्या होता है मैं रोने पे आ जाऊँ तो झरना क्या होता है मेरा छोड़ो मैं नइँ थकता मेरा काम यही है लेकिन तुम ने इतने प्यार का करना क्या होता है
Tehzeeb Hafi
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गले तो लगना है उस से कहो अभी लग जाए यही न हो मेरा उस के बग़ैर जी लग जाए मैं आ रहा हूँ तेरे पास ये न हो कि कहीं तेरा मज़ाक़ हो और मेरी ज़िंदगी लग जाए
Tehzeeb Hafi
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ये न थी हमारी क़िस्मत कि विसाल-ए-यार होता अगर और जीते रहते यही इंतिज़ार होता
Mirza Ghalib
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सियाह रात नहीं लेती नाम ढलने का यही तो वक़्त है सूरज तिरे निकलने का
Shahryar
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जिस से पूछे तेरे बारे में यही कहता है ख़ूब-सूरत है वफ़ादार नहीं हो सकता
Abbas Tabish
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