यक़ीन उस ने दोबारा बना लिया लेकिन वो मेरे ज़ेहन से धोखा नहीं निकाल सका
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जनाज़े पर मेरे लिख देना यारों मोहब्बत करने वाला जा रहा है
Rahat Indori
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किसी गली में किराए पे घर लिया उस ने फिर उस गली में घरों के किराए बढ़ने लगे
Umair Najmi
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इतना संगीन पाप कौन करे मेरे दुख पर विलाप कौन करे चेतना मर चुकी है लोगों की पाप पर पश्चाताप कौन करे
Azhar Iqbal
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इश्क़ में ये दावा तो नईं है मैं ही अव्वल आऊँगा लेकिन इतना कह सकता हूँ अच्छे नंबर लाऊँगा
Zubair Ali Tabish
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तुम्हारे पाँव क़सम से बहुत ही प्यारे हैं ख़ुदा करे मेरे बच्चों की इन में जन्नत हो
Rafi Raza
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यूँँ बे-तरतीब ज़ख़्मों ने बताया राज़ क़ातिल का सलीक़े से जो मेरा क़त्ल गर होता तो क्या होता
Vikram Gaur Vairagi
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इक अव्वल दर्जे का पाक इक माहिर है मन तो तुझ में रमता है दिल काफ़िर फिर है अपनी सोचो क़त्ल तुम्हें करना भी है बन्दे का तो क्या है बन्दा हाज़िर है
Vikram Gaur Vairagi
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बग़ैर चश्में के जो देख भी न पाता है वो बेवक़ूफ़ मुझे देखना सिखाता है अगर ये वक़्त डुबोएगा मेरी नाव को तो इस सेे कह दो मुझे तैरना भी आता है
Vikram Gaur Vairagi
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हैरान हो के देख रहे हैं मुझे अज़ाब मैं मर रहा हूँ और बहुत इत्मीनान से
Vikram Gaur Vairagi
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टूटी चीज़ों को बदल देना था बेहतर वरना तू अगर चाहता दोबारा बना लेता हमें
Vikram Gaur Vairagi
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