ये और बात है कि वो मिलते नहीं मगर किस ने कहा कि उन सेे मेरी दोस्ती नहीं
Related Sher
कुछ बात है कि हस्ती मिटती नहीं हमारी सदियों रहा है दुश्मन दौर-ए-ज़माँ हमारा
Allama Iqbal
354 likes
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
देखो हम कोई वहशी नहीं दीवाने हैं तुम सेे बटन खुलवाने नहीं लगवाने हैं
Varun Anand
300 likes
हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
298 likes
उसे किसी से मोहब्बत थी और वो मैं नहीं था ये बात मुझ सेे ज़ियादा उसे रुलाती थी
Ali Zaryoun
361 likes
More from SALIM RAZA REWA
तुम्हारे प्यार की ख़ुश्बू हमेशा साथ रहती है तुम्हारी याद के लश्कर कभी तन्हा नहीं करते
SALIM RAZA REWA
1 likes
तू कहे तो मैं खुरच डालूँ बदन को लेकिन तेरी ख़ुशबू मेरी साँसों से मिटाऊँ कैसे तुझ सेे फ़ुर्सत ही नहीं मिलती मेरी जान मुझे तो ख़यालों में किसी और को लाऊँ कैसे
SALIM RAZA REWA
1 likes
वो जिसे चाहे अता कर दे ज़माने की ख़ुशी उस के ही हाथों में हैं सारे जहाँ की नेमतें
SALIM RAZA REWA
1 likes
फफोले पड़ चुके आँखों में ज़ौक़-ए-दीद बाक़ी है बहुत है दूर तू मुझ सेे मगर उम्मीद बाक़ी है मेरी जाँ लौट के आजा दिल-ए-बीमार की ख़ातिर सभी की हो गई है ईद मेरी ईद बाक़ी है
SALIM RAZA REWA
0 likes
शादाब जिन की ख़ुशबू से हर इक गुलाब है रौशन चमक से जिन की 'रज़ा' आफ़ताब है सूरत वो जिस पे नाज़ है कुल काएनात को वो सूरत-ए-रसूल ख़ुदा की किताब है
SALIM RAZA REWA
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on SALIM RAZA REWA.
Similar Moods
More moods that pair well with SALIM RAZA REWA's sher.







