तू कहे तो मैं खुरच डालूँ बदन को लेकिन तेरी ख़ुशबू मेरी साँसों से मिटाऊँ कैसे तुझ सेे फ़ुर्सत ही नहीं मिलती मेरी जान मुझे तो ख़यालों में किसी और को लाऊँ कैसे
Related Sher
शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
839 likes
बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
751 likes
गले मिलना न मिलना तो तेरी मर्ज़ी है लेकिन तेरे चेहरे से लगता है तेरा दिल कर रहा है
Tehzeeb Hafi
575 likes
हम को मालूम है जन्नत की हक़ीक़त लेकिन दिल के ख़ुश रखने को 'ग़ालिब' ये ख़याल अच्छा है
Mirza Ghalib
489 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
More from SALIM RAZA REWA
यूसुफ़ न बन सका कभी तेरी निगाह में लेकिन तुझे तो मैं ने ज़ुलेख़ा बना दिया
SALIM RAZA REWA
1 likes
यूसुफ़ न बन सका कभी तेरी निगाह में लेकिन तुझे तो मैं ने ज़ुलेख़ा बना दिया
SALIM RAZA REWA
1 likes
तुम चाँद सितारों की चमक में रहे उलझे तुम ने मिरे महबूब को देखा नहीं होगा
SALIM RAZA REWA
1 likes
उस बेर की मिठास तो बस जाने राम जी शबरी ने जिस को चख के है मीठा बना दिया
SALIM RAZA REWA
1 likes
ताल में पंछी पनघट गागर चौपालें कितना सुंदर गाँव का मंज़र होता है टूटा फूटा गिरा पड़ा कुछ तंग सही अपना घर तो अपना ही घर होता है
SALIM RAZA REWA
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on SALIM RAZA REWA.
Similar Moods
More moods that pair well with SALIM RAZA REWA's sher.







