ये दौलत इश्क़ चाहत और फ़ुर्क़त हैं सब शामिल शजर बर्बादियों में
Related Sher
हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
333 likes
हम को नीचे उतार लेंगे लोग इश्क़ लटका रहेगा पंखे से
Zia Mazkoor
224 likes
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
521 likes
ये अलग बात कि ख़ामोश खड़े रहते हैं फिर भी जो लोग बड़े हैं, वो बड़े रहते हैं
Rahat Indori
484 likes
More from Shajar Abbas
ज़ुल्म मज़लूमों पे ढाना छोड़ दो हक़ यतीमों का दबाना छोड़ दो ये नहीं कर सकते तो बेहतर है ये सर को सज्दे में झुकाना छोड़ दो
Shajar Abbas
0 likes
ज़िंदगानी की लूटकर ख़ुशियाँ ज़ख़्म-ए-दिल मुझ को दे गया है कोई मेरी आँखों की वो था बीनाई मेरी बीनाई ले गया है कोई
Shajar Abbas
0 likes
ज़ुल्म की मिल के क़मर ऐसे करेंगे ख़म सब दूर हो जाएँगे ये अपने वतन से ग़म सब ख़्वाब अज्दाद ने जो देखा है इक दिन उस की देखना ख़ून से ता'बीर लिखेंगे हम सब
Shajar Abbas
0 likes
ये आज अपने आप से मिल कर ख़बर हुई हम वाक़ई में हाल से बे हाल हैं 'शजर'
Shajar Abbas
0 likes
ये आफ़ताब-ओ-क़मर कहकशाँ ख़ुदा की क़सम तुम्हारे चेहरा-ए-अनवर से नूर लेते हैं
Shajar Abbas
0 likes
Similar Writers
Our suggestions based on Shajar Abbas.
Similar Moods
More moods that pair well with Shajar Abbas's sher.







