ज़ुल्म की मिल के क़मर ऐसे करेंगे ख़म सब दूर हो जाएँगे ये अपने वतन से ग़म सब ख़्वाब अज्दाद ने जो देखा है इक दिन उस की देखना ख़ून से ता'बीर लिखेंगे हम सब
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भेज देता हूँ मगर पहले बता दूँ तुझ को मुझ से मिलता नहीं कोई मिरी तस्वीर के बा'द
Umair Najmi
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मैं रस्मन कह रहा हूँ ''फिर मिलेंगे'' ये मत समझो कि वा'दा कर रहा हूँ
Zubair Ali Tabish
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फ़ासले ऐसे भी होंगे ये कभी सोचा न था सामने बैठा था मेरे और वो मेरा न था
Adeem Hashmi
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अब के हम बिछड़े तो शायद कभी ख़्वाबों में मिलें जिस तरह सूखे हुए फूल किताबों में मिलें
Ahmad Faraz
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मुद्दतों बा'द इक शख़्स से मिलने के लिए आइना देखा गया, बाल सँवारे गए
Jaun Elia
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ये मुहब्बत मेरा असासा है मुझ सेे मत छीन इस असासे को
Shajar Abbas
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ज़ुल्म मज़लूमों पे ढाना छोड़ दो हक़ यतीमों का दबाना छोड़ दो ये नहीं कर सकते तो बेहतर है ये सर को सज्दे में झुकाना छोड़ दो
Shajar Abbas
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ये इश्क़ जो है एक हिमाक़त है दोस्तों सब कीजिए मगर ये हिमाक़त न कीजिए
Shajar Abbas
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ये ज़मीं आसमान दे दूँगा मैं तुम्हें दो जहान दे दूँगा और क्या दूँ भला सुबूत-ए-वफ़ा जान माँगोगे जान दे दूँगा
Shajar Abbas
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ज़िंदगानी की लूटकर ख़ुशियाँ ज़ख़्म-ए-दिल मुझ को दे गया है कोई मेरी आँखों की वो था बीनाई मेरी बीनाई ले गया है कोई
Shajar Abbas
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