ये दुनिया में मुकम्मल इश्क़ कर के कौन ज़िंदा है मैं ज़िंदा हूँ मगर मैं चाहता हूँ ख़ुद-कुशी करना
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कोई दिक़्क़त नहीं है गर तुम्हें उलझा सा लगता हूँ मैं पहली मर्तबा मिलने में सब को ऐसा लगता हूँ ज़रूरी तो नहीं हम साथ हैं तो कोई चक्कर हो वो मेरी दोस्त है और मैं उसे बस अच्छा लगता हूँ
Ali Zaryoun
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सोचूँ तो सारी उम्र मोहब्बत में कट गई देखूँ तो एक शख़्स भी मेरा नहीं हुआ
Jaun Elia
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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जब लगे मुश्किल है यूँँ ही मुस्कुराना लौट आना जब लगे दुनिया है कोई क़ैद-ख़ाना लौट आना
AYUSH SONI
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मैं उस को बेच आया हूँ किसी अफ़सर के हाथों में जिसे मैं बोल आया था तुम्हें दुल्हन बनाऊँगा
AYUSH SONI
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मेरे हम उम्र साथी इश्क़ में गर टूट जाए दिल ग़म-ए-हिज्राँ में इक महफ़िल सजाना, शा'इरी करना
AYUSH SONI
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तुम्हारे साथ था जब तक, वहीं गलियों में रहता था सुना है अब, रक़ीबों ने तुम्हारा घर नहीं देखा
AYUSH SONI
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फ़क़त जुगनू हूँ मैं, वो चाँदनी है उसी से इस जहाँ में रौशनी है
AYUSH SONI
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