तुम्हारे साथ था जब तक, वहीं गलियों में रहता था सुना है अब, रक़ीबों ने तुम्हारा घर नहीं देखा
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हुआ ही क्या जो वो हमें मिला नहीं बदन ही सिर्फ़ एक रास्ता नहीं ये पहला इश्क़ है तुम्हारा सोच लो मेरे लिए ये रास्ता नया नहीं
Azhar Iqbal
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बंसी सब सुर त्यागे है, एक ही सुर में बाजे है हाल न पूछो मोहन का, सब कुछ राधे राधे है
Zubair Ali Tabish
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मैं ने उस सेे प्यार किया है मिल्किय्यत का दावा नइँ वो जिस के भी साथ है मैं उस को भी अपना मानता हूँ
Ali Zaryoun
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क्या ग़लत-फ़हमी में रह जाने का सदमा कुछ नहीं वो मुझे समझा तो सकता था कि ऐसा कुछ नहीं इश्क़ से बच कर भी बंदा कुछ नहीं होता मगर ये भी सच है इश्क़ में बंदे का बचता कुछ नहीं
Tehzeeb Hafi
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उस लड़की से बस अब इतना रिश्ता है मिल जाए तो बात वगैरा करती है बारिश मेरे रब की ऐसी नेमत है रोने में आसानी पैदा करती है
Tehzeeb Hafi
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ज़िक्र-ए-शब-ए-फ़िराक़ पे कहता था क्या हुआ कल रात उस के साथ भी ये हादसा हुआ
AYUSH SONI
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मुहब्बत की कोई रंगीन चाहत भी नहीं तुम सेे कोई ग़ैरत नहीं तुम सेे कि हसरत भी नहीं तुम सेे मुझे यूँँ छोड़ कर जाते हुए इतना कहा उस ने शिकायत भी नहीं तुम सेे मोहब्बत भी नहीं तुम सेे
AYUSH SONI
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देश के हालात कुछ तो इस क़दर हैं जैसे कोई शाख़ पर बरगद टिका है
AYUSH SONI
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मैं उस को बेच आया हूँ किसी अफ़सर के हाथों में जिसे मैं बोल आया था तुम्हें दुल्हन बनाऊँगा
AYUSH SONI
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पहले हर इतवार जाता था मैं मयख़ाना जब से देखा है तुझे, हर रोज़ जाता हूँ
AYUSH SONI
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