देश के हालात कुछ तो इस क़दर हैं जैसे कोई शाख़ पर बरगद टिका है
Related Sher
हम वो हैं जो ख़ुदा को भूल गए तुम मेरी जान किस गुमान में हो
Jaun Elia
563 likes
क्यूँ डरें ज़िन्दगी में क्या होगा कुछ न होगा तो तजरबा होगा
Javed Akhtar
156 likes
मैं अगर अपनी जवानी के सुना दूँ क़िस्से ये जो लौंडे हैं मेरे पाँव दबाने लग जाए
Mehshar Afridi
136 likes
बात करो रूठे यारों से सन्नाटों से डर जाते हैं प्यार अकेला जी लेता है दोस्त अकेले मर जाते हैं
Kumar Vishwas
141 likes
मेरे आँसू नहीं थम रहे कि वो मुझ सेे जुदा हो गया और तुम कह रहे हो कि छोड़ो अब ऐसा भी क्या हो गया मय-कदों में मेरी लाइनें पढ़ते फिरते हैं लोग मैं ने जो कुछ भी पी कर कहा फ़लसफ़ा हो गया
Tehzeeb Hafi
388 likes
More from AYUSH SONI
जब लगे मुश्किल है यूँँ ही मुस्कुराना लौट आना जब लगे दुनिया है कोई क़ैद-ख़ाना लौट आना
AYUSH SONI
0 likes
बसा जो शख़्स आँखों में है ओझल क्यूँँ नहीं होता ये पहला इश्क़ ही अक्सर मुकम्मल क्यूँँ नहीं होता यहाँ शहरों में ऐवानों के साए ही मुयस्सर हैं यहाँ गाँवों के जैसा कोई पीपल क्यूँँ नहीं होता
AYUSH SONI
0 likes
तुम्हारे साथ था जब तक, वहीं गलियों में रहता था सुना है अब, रक़ीबों ने तुम्हारा घर नहीं देखा
AYUSH SONI
2 likes
ये दुनिया में मुकम्मल इश्क़ कर के कौन ज़िंदा है मैं ज़िंदा हूँ मगर मैं चाहता हूँ ख़ुद-कुशी करना
AYUSH SONI
2 likes
कल तलक हम भी तुम्हारी जान थे, लेकिन आज मर भी जाएँ तो शिकवा नहीं तुम को
AYUSH SONI
2 likes
Similar Writers
Our suggestions based on AYUSH SONI.
Similar Moods
More moods that pair well with AYUSH SONI's sher.







