फ़क़त जुगनू हूँ मैं, वो चाँदनी है उसी से इस जहाँ में रौशनी है
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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माना कि तेरी दीद के क़ाबिल नहीं हूँ मैं तू मेरा शौक़ देख मिरा इंतिज़ार देख
Allama Iqbal
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जब लगे मुश्किल है यूँँ ही मुस्कुराना लौट आना जब लगे दुनिया है कोई क़ैद-ख़ाना लौट आना
AYUSH SONI
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ज़िक्र-ए-शब-ए-फ़िराक़ पे कहता था क्या हुआ कल रात उस के साथ भी ये हादसा हुआ
AYUSH SONI
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मैं उस को बेच आया हूँ किसी अफ़सर के हाथों में जिसे मैं बोल आया था तुम्हें दुल्हन बनाऊँगा
AYUSH SONI
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बसा जो शख़्स आँखों में है ओझल क्यूँँ नहीं होता ये पहला इश्क़ ही अक्सर मुकम्मल क्यूँँ नहीं होता यहाँ शहरों में ऐवानों के साए ही मुयस्सर हैं यहाँ गाँवों के जैसा कोई पीपल क्यूँँ नहीं होता
AYUSH SONI
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सबब मेरे ग़मों का जब कभी पूछेगी वो मुझ सेे मैं उस की ओर देखूँगा ज़रा सा मुस्कुरा दूँगा
AYUSH SONI
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