ये ग़म-ए-हिज्र जो मिरे दिल में मैं जहाँ में तबीब बन कर हूँ
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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बिछड़ गए तो ये दिल उम्र भर लगेगा नहीं लगेगा लगने लगा है मगर लगेगा नहीं नहीं लगेगा उसे देख कर मगर ख़ुश है मैं ख़ुश नहीं हूँ मगर देख कर लगेगा नहीं
Umair Najmi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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तेरी सूरत से है आलम में बहारों को सबात तेरी आँखों के सिवा दुनिया में रक्खा क्या है
Faiz Ahmad Faiz
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ज़िंदगी भी चराग़ सी तो है एक पल में हवा बुझा जाए
Vinod Ganeshpure
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पद से बड़े भी लोग वो होंगे मगर दिल के बड़े ही हो ज़रूरी तो नहीं
Vinod Ganeshpure
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ज़िंदगी की हर ख़ुशी रब ने मुझे दी दर्द में कैसे रहूँगा ख़्वाब में भी
Vinod Ganeshpure
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ज़िंदगी को तुम समझ लो वो किसी की भी नहीं है
Vinod Ganeshpure
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ज़िंदगी में नित्य बढ़ता ये विजय रथ अब मिरा है हर घड़ी चल जो रहा संघर्ष का पथ अब मिरा है
Vinod Ganeshpure
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