ये गर्दिश ये मौसम ये राहें पुरानी मोहब्बत में भीगी ये आहें पुरानी
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तुम्हें हुस्न पर दस्तरस है मोहब्बत वोहब्बत बड़ा जानते हो तो फिर ये बताओ कि तुम उस की आँखों के बारे में क्या जानते हो ये जुग़राफ़िया फ़ल्सफ़ा साईकॉलोजी साइंस रियाज़ी वग़ैरा ये सब जानना भी अहम है मगर उस के घर का पता जानते हो
Tehzeeb Hafi
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बिछड़ कर उस का दिल लग भी गया तो क्या लगेगा वो थक जाएगा और मेरे गले से आ लगेगा मैं मुश्किल में तुम्हारे काम आऊँ या ना आऊँ मुझे आवाज़ दे लेना तुम्हें अच्छा लगेगा
Tehzeeb Hafi
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शाख़ों से टूट जाएँ वो पत्ते नहीं हैं हम आँधी से कोई कह दे कि औक़ात में रहे
Rahat Indori
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ये रातें कैसी राइगानी में कट रही है बची खुची सांसे भी पानी में कट रही है
Vinay Khandelwal
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वो अब जाने आगे उस को क्या करना है वैसे भी अब मैं ने लड़ना छोड़ दिया है
Vinay Khandelwal
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रात से मुझ को बैर नहीं है याद से तेरी डरता हूँ बस
Vinay Khandelwal
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रात अँधेरी काले साए याद किसी की बढ़ती जाए आँखें हम को दी ही क्यूँँ है बंद भी हो तो भरती जाए
Vinay Khandelwal
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सारी बातें छोड़ तू मुझ को रोने दे ये रिश्ता भी तोड़ तू मुझ को रोने दे
Vinay Khandelwal
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