रात अँधेरी काले साए याद किसी की बढ़ती जाए आँखें हम को दी ही क्यूँँ है बंद भी हो तो भरती जाए
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शायद मुझे किसी से मोहब्बत नहीं हुई लेकिन यक़ीन सब को दिलाता रहा हूँ मैं
Jaun Elia
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किसी को घर से निकलते ही मिल गई मंज़िल कोई हमारी तरह उम्र भर सफ़र में रहा
Ahmad Faraz
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बस ये दिक़्क़त है भुलाने में उसे उस के बदले में किस को याद करें
Fahmi Badayuni
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इलाज अपना कराते फिर रहे हो जाने किस किस से मोहब्बत कर के देखो ना मोहब्बत क्यूँँ नहीं करते
Farhat Ehsaas
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दिन ढल गया और रात गुज़रने की आस में सूरज नदी में डूब गया, हम गिलास में
Rahat Indori
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वो अब जाने आगे उस को क्या करना है वैसे भी अब मैं ने लड़ना छोड़ दिया है
Vinay Khandelwal
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ये गर्दिश ये मौसम ये राहें पुरानी मोहब्बत में भीगी ये आहें पुरानी
Vinay Khandelwal
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ये रातें कैसी राइगानी में कट रही है बची खुची सांसे भी पानी में कट रही है
Vinay Khandelwal
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रात से मुझ को बैर नहीं है याद से तेरी डरता हूँ बस
Vinay Khandelwal
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तेरे पास ना जाने कैसे कैसों की हमदर्दी है मेरा तो बस तू ही रब था तू ने वो भी छीन लिया
Vinay Khandelwal
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