तेरे पास ना जाने कैसे कैसों की हमदर्दी है मेरा तो बस तू ही रब था तू ने वो भी छीन लिया
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हमारे बा'द तेरे इश्क़ में नए लड़के बदन तो चू मेंगे ज़ुल्फ़ें नहीं सँवारेंगे
Vikram Gaur Vairagi
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ये दुख अलग है कि उस सेे मैं दूर हो रहा हूँ ये ग़म जुदा है वो ख़ुद मुझे दूर कर रहा है तेरे बिछड़ने पर लिख रहा हूँ मैं ताज़ा ग़ज़लें ये तेरा ग़म है जो मुझ को मशहूर कर रहा है
Tehzeeb Hafi
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कोई इतना प्यारा कैसे हो सकता है फिर सारे का सारा कैसे हो सकता है तुझ सेे जब मिल कर भी उदासी कम नहीं होती तेरे बग़ैर गुज़ारा कैसे हो सकता है
Jawwad Sheikh
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ले दे के अपने पास फ़क़त इक नज़र तो है क्यूँँ देखें ज़िंदगी को किसी की नज़र से हम
Sahir Ludhianvi
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ज़रा ठहरो कि शब फीकी बहुत है तुम्हें घर जाने की जल्दी बहुत है ज़रा नज़दीक आ कर बैठ जाओ तुम्हारे शहर में सर्दी बहुत है
Zubair Ali Tabish
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ये गर्दिश ये मौसम ये राहें पुरानी मोहब्बत में भीगी ये आहें पुरानी
Vinay Khandelwal
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वो अब जाने आगे उस को क्या करना है वैसे भी अब मैं ने लड़ना छोड़ दिया है
Vinay Khandelwal
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तेरे मेरे अश्कों को बोतल में भर कर रखना है काम किसी दिन आएँगे जब बात हमारी निकलेगी
Vinay Khandelwal
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ये रातें कैसी राइगानी में कट रही है बची खुची सांसे भी पानी में कट रही है
Vinay Khandelwal
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पाने को हम पा सकते थे सारी ख़ुशियाँ तेरे पीछे दुनिया हारे हुई मोहब्बत
Vinay Khandelwal
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